Suzlon Energy Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2030 सुजलॉन एनर्जी भारत की पवन ऊर्जा (Wind Energy) क्षेत्र की सबसे बड़ी और पुरानी कंपनियों में से एक है। यह कंपनी पवन चक्की (Wind Turbines) बनाती है, उन्हें स्थापित करती है और उनका रख-रखाव (Maintenance) भी करती है। भारत के पवन ऊर्जा बाजार में सुजलॉन की हिस्सेदारी लगभग 32% है।
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a. कंपनी का मुख्य कार्य और मिशन
सुजलॉन का मुख्य व्यवसाय पवन टर्बाइन जनरेटर (Wind Turbine Generators – WTGs) का निर्माण करना है। कंपनी केवल मशीनें बेचती ही नहीं, बल्कि ‘एंड-टू-एंड’ समाधान प्रदान करती है। इसमें शामिल है:
पवन फार्मों (Wind Farms) के लिए जमीन का चयन।
टर्बाइन का निर्माण और स्थापना (Installation)।
पवन फार्म का संचालन और रखरखाव (O&M)।
b. बाजार में धाक (Market Dominance)
आज भारत की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता में लगभग 32% हिस्सेदारी अकेले सुजलॉन की है। कंपनी के पास 20 गीगावाट (GW) से अधिक की स्थापित क्षमता है, जो दुनिया भर के 17 देशों में फैली हुई है। यह आंकड़ा इसे वैश्विक स्तर पर एक बड़ा खिलाड़ी बनाता है।
c. तकनीकी विशेषज्ञता (Technology & Innovation)
सुजलॉन अपनी तकनीकी उन्नति के लिए जानी जाती है। कंपनी के पास जर्मनी, डेनमार्क और नीदरलैंड जैसे देशों में अनुसंधान और विकास (R&D) केंद्र हैं। हाल ही में कंपनी ने अपनी 3 मेगावाट (3 MW) सीरीज के टर्बाइन पेश किए हैं, जिन्हें विशेष रूप से भारत जैसे देशों के कम हवा वाले क्षेत्रों में भी अधिक बिजली पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
d. मुश्किलों से मजबूती तक का सफर
एक समय था जब सुजलॉन भारी वित्तीय संकट और कर्ज के बोझ से जूझ रही थी। लेकिन बेहतर प्रबंधन, कर्ज पुनर्गठन (Debt Restructuring) और सरकार की ‘ग्रीन एनर्जी’ नीतियों के कारण कंपनी ने शानदार वापसी की है। आज सुजलॉन न केवल कर्ज मुक्त होने की कगार पर है, बल्कि उसकी ऑर्डर बुक भी इतिहास के सबसे मजबूत स्तर पर है।
e. सुजलॉन ग्रुप की अन्य सेवाएं
सुजलॉन केवल पवन ऊर्जा तक सीमित नहीं है। उनकी सहायक कंपनी ‘एसईएल फॉर्ज’ (SEL Forge) और उनकी सेवा इकाई (Services Division) दुनिया भर के ग्राहकों को सौर और पवन ऊर्जा के हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Projects) में भी मदद कर रही है।
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Fundamentals
कर्ज मुक्त होने की दिशा में: सुजलॉन की सबसे बड़ी समस्या उसका भारी कर्ज था। पिछले कुछ समय में कंपनी ने अपना लगभग सारा कर्ज चुका दिया है और अब यह कंपनी ‘नेट डेट-फ्री’ (Net Debt-Free) होने के करीब है।
मजबूत ऑर्डर बुक: कंपनी के पास वर्तमान में 5 गीगावाट (GW) से भी अधिक के ऑर्डर्स हैं। इसका मतलब है कि अगले 2-3 सालों के लिए कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं है।
मुनाफे में वापसी: कई सालों तक घाटे में रहने के बाद, सुजलॉन अब हर तिमाही (Quarter) में अच्छा मुनाफा (Profit) कमा रही है।
नई तकनीक (3MW सीरीज): कंपनी ने नई तकनीक वाले टर्बाइन पेश किए हैं, जो कम हवा में भी ज्यादा बिजली पैदा कर सकते हैं। इससे कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ी है।
Suzlon Energy: वित्तीय जानकारी (Financial Snapshot)
सुजलॉन एनर्जी की वित्तीय स्थिति अब पहले से काफी मजबूत और स्थिर हो चुकी है।
कर्ज मुक्त (Debt-Free): कंपनी ने अपना भारी कर्ज लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो इसकी सबसे बड़ी मजबूती है।
मुनाफे में वापसी: कई सालों के घाटे के बाद, कंपनी अब लगातार Net Profit (शुद्ध लाभ) कमा रही है।
बड़ी ऑर्डर बुक: कंपनी के पास 5 GW से ज्यादा के ऑर्डर्स पाइपलाइन में हैं, जो भविष्य की कमाई पक्की करते हैं।
FII की दिलचस्पी: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जो भरोसे का प्रतीक है।
SUZLON ENERGY SHARE PRICE TARGET 2026 TO 2030(analyst view)
| YEAR | PRICE TARGET |
| 2026 | ₹56 |
| 2027 | ₹62 |
| 2028 | ₹69 |
| 2029 | ₹77 |
| 2030 | ₹86 |
Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। हम कोई सेबी (SEBI) पंजीकृत नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें।
